टिकरू में आग लगने से 40 मवेशी जिंदा जले

मैहला (चंबा)। स्थानीय ग्राम पंचायत चड़ी के गांव टिकरू में आग लगने से दो गौशालाएं व एक मकान जलकर राख हो गए। रविवार रात ढाई बजे के करीब हुए इस अगिभनकांड में 27 भेडे़ं और एक दर्जन के करीब गायें-बैल आग की लपटों में घिर कर मर गए। ग्रामीणों के अनुसार जोबनू पत्नी स्वर्गीय बुधिया के मकान और गौशाला में आग से 20 भेड़ें जलकर मर गई हैं। इसके अलावा चार बैल, एक गाय और एक बछड़ा भी मर गया है। साथ ही स्थित चतर सिंह पुत्र चौधरी की गौशाला भी आग की चपेट में आई है। इसमें पांच भेड़ें, दो गायें, दो बैल व एक बछड़ा जिंदा जल गए हैं। साथ ही विक्रम पुत्र चौधरी की भी गौशाला जल गई है। इसमें बंधी दो भेड़ें और दो गायें जलकर मर गई हैं। इस घटना से लगभग आठ लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान है। जब तक आग पर काबू पाया जाता, सब कुछ जलकर स्वाह हो चुका था। ग्राम पंचायत मैहला के उपप्रधान मनोज जसरोटिया व चड़ी की प्रधान इंद्रा देवी ने बताया कि अग्निकांड पीड़ितों ने मवेशियों के लिए सर्दी के लिए घास अंदर रखा हुआ था। इसके अलावा जलाने वाली लकड़ी भी घर में रखी थी। आग लगने के बाद तीनों परिवारों के सदस्य बाहर निकल आए। इसके बाद ग्रामीणों को सूचित किया गया। आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय गांव के लगभग 40 परिवारों के लोग एकत्रित हो गए, लेकिन घास और सूखी लकड़ी को आग इस कदर लगी हुई थी कि ग्रामीणों की जिंदगी भर की कमाई जलकर राख हो गई है। मात्र जो कपड़े पहने हुए थे, वही बचे हैं बाकी आभूषण, बर्तन सहित सब कुछ खाक हो गया है। इस घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार मनोज, कानूनगो हंसराज व पटवारी अनिल जोशी मौके पर पहुंचे। उन्होंने अग्निकांड पीड़ितों को फौरी राहत प्रदान की। इसके अलावा तिरपालें भी दी गई हैं। उधर, उपायुक्त संदीप कदम ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन की ओर से तहसीलदार व कानूनगो को मौके पर भेज दिया गया है। उन्होेंने कहा कि नुकसान का आकलन किया जा रहा है।

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